Bharosa Shayari | भरोसा शायरी इन हिंदी

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विश्वास एक महत्वपूर्ण मानवीय सामाजिक प्रवृत्ति है। यह रिश्तों और मानव समाज के कामकाज के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। इसे कई तरह से तोड़ा जा सकता है, उदाहरण के लिए, कोई किसी और के भरोसे को धोखा दे सकता है, जिससे दिल टूट सकता है और दुख हो सकता है। जब भरोसा टूट जाता है, तो व्यक्ति पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। जब भरोसा टूटता है तो जिंदगी भर दर्द के सिवा कोई आवाज नहीं आती। दोस्ती भरोसे पर बनी होती है, और जब कोई भरोसा टूटता है तो यह बहुत मुश्किल समय हो सकता है। इसलिए हम आपके दिल का मनोरंजन करने के लिए इस मुश्किल घड़ी में आप सभी के लिए Bharosa Shayari लेकर आए हैं।

लेटेस्ट Bharosa Shayari

Bharosa Shayari

कभी भी किसी का "प्यार और भरोसा" मत खोना,
क्योकि प्यार हर किसी से नहीं होता,
और भरोसा हर किसी पे नहीं होता!!

kabhee bhee kisee ka "pyaar aur bharosa" mat khona,
kyoki pyaar har kisee se nahin hota,
aur bharosa har kisee pe nahin hota!!


लोगों के "पास बहुत" कुछ है, "मगर मुश्किल" यही है कि,
"भरोसे पे शक" है और, अपने "शक पे भरोसा" है!!

logon ke "paas bahut" kuchh hai, "magar mushkil" yahee hai ki,
"bharose pe shak" hai aur, apane "shak pe bharosa" hai!!


भरोसा ""लफ्जो"" का ""छोटा सा"" है,
""मगर यकीन दिलाने मे पूरी""
""जिंदगी निकल जाती है""!!

bharosa ""laphjo"" ka ""chhota sa"" hai,
""magar yakeen dilaane me pooree""
""jindagee nikal jaatee hai""!!


"विश्वास" रिश्ते की हो न्यूव है, 
जिसके टूटते ही सारे रिश्ता "बिखरकार" टूट जाते हैं!!

"vishvaas" rishte kee ho nyoov hai, 
jisake tootate hee saare rishta "bikharakaar" toot jaate hain!!

Bharosa Shayari

विश्वास की "शुरुआत" पहले "शक" होती है
इसके बाद ही वो "रिश्ता" "मजबूत" होती है!!

vishvaas kee "shuruaat" pahale "shak" hotee hai
isake baad hee vo "rishta" "majaboot" hotee hai!!


सब पर भरोसा है; पर कुछ नहीं हासिल है;
जिस तरफ पीठ करो; वहीं खड़ा कातिल है!!

sab par bharosa hai; par kuchh nahin haasil hai;
jis taraph peeth karo; vaheen khada kaatil hai!!


*हम तो अभी नादान हैं; किस पर भरोसा करें;
कौन सच्चा है; कौन झूठा है; किस पर भरोसा करें*!!

*ham to abhee naadaan hain; kis par bharosa karen;
kaun sachcha hai; kaun jhootha hai; kis par bharosa karen*!!


अक्सर इस दुनिया में लोग 
उसी पर विश्वास करते हैं;
जो सभी का भरोसा तोड़ता हो!!

aksar is duniya mein log 
usee par vishvaas karate hain;
jo sabhee ka bharosa todata ho!!

Bharosa Shayari

जब जब "भरोसा" किया है मैंने, तब तब "भरोसा" टूटा है मेरा,
अब तो किसी पर "भरोसा" करने का, मन ही नही करता है मेरा!!

jab jab "bharosa" kiya hai mainne, tab tab "bharosa" toota hai mera,
ab to kisee par "bharosa" karane ka, man hee nahee karata hai mera!!


""विश्वास है तो रिश्ता है""
""वरना हम आपके कौन""!!

""vishvaas hai to rishta hai""
""varana ham aapake kaun""!!


"दिल की सरहद को तुम पार ना करना"
"मेरे भरोसे और विश्वास को तुम बेकार न करना"!!

"dil kee sarahad ko tum paar na karana"
"mere bharose aur vishvaas ko tum bekaar na karana"!!


सुना है तो भी अब किसी पर "भरोसा" करने लगे हो;
यह सुनकर भी हमें "विश्वास" ना हो रहा है कि;
तू भी किसी पर "भरोसा" कर सकती है!!

suna hai to bhee ab kisee par "bharosa" karane lage ho;
yah sunakar bhee hamen "vishvaas" na ho raha hai ki;
too bhee kisee par "bharosa" kar sakatee hai!!

Bharosa Shayari

वे ""उम्मीद लिए बैठे हैं"" ""काश हमें माफ कर दे""
""जिसने मेरा भरोसा"" ""एक-एक करके तो रहा है""!!

ve ""ummeed lie baithe hain"" ""kaash hamen maaph kar de""
""jisane mera bharosa"" ""ek-ek karake to raha hai""!!


""सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना""
""मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था""!!

""sikha diya duniya ne mujhe apano par bhee shak karana""
""meree phitarat mein to gairon par bhee bharosa karana tha""!!


तू तो मेरे दुश्मनी के "लायक" भी नहीं;
तो तुझ पर आंख बंद करके "भरोसा" कैसे कर लूं!!

too to mere dushmanee ke "laayak" bhee nahin;
to tujh par aankh band karake "bharosa" kaise kar loon!!


*इस मतलब भरी दुनिया में,
आप कौन किस पर विश्वास करता है*!!

*is matalab bharee duniya mein,
aap kaun kis par vishvaas karata hai*!!

Bharosa Shayari

""अब इस दुनिया में हम किसी पर भरोसा ना किया करेंगे,
चाहे वह विश्वासी ही क्यों ना हो कहे हम पर भरोसा कर लो""!!

""ab is duniya mein ham kisee par bharosa na kiya karenge,
chaahe vah vishvaasee hee kyon na ho kahe ham par bharosa kar lo""!!


अब हम "भरोसा" किसी पर कर नहीं सकते हैं,
सबने मेरा भरोसा एक-एक करके "तोड़ा" अपना हो या पराया!!

ab ham "bharosa" kisee par kar nahin sakate hain,
sabane mera bharosa ek-ek karake "toda" apana ho ya paraaya!!


हम "समझदार" भी इतने हैं, के उनका "झूठ" पकड़ लेते है,
और उनके "दिवाने" भी इतने, के फिर भी "यकीन" कर लेते हैं!!

ham "samajhadaar" bhee itane hain, ke unaka "jhooth" pakad lete hai,
aur unake "divaane" bhee itane, ke phir bhee "yakeen" kar lete hain!!


""मतलबी दुनिया में"" किसी पर ""विश्वास करना बड़ी मुश्किल है""
""विश्वास करते ही लोग"" ""बड़े प्यार से विश्वास तोड़ देते हैं""!!

""matalabee duniya mein"" kisee par ""vishvaas karana badee mushkil hai""
""vishvaas karate hee log"" ""bade pyaar se vishvaas tod dete hain""!!

Bharosa Shayari

जब कोई आपसे "अपनी", हर बात "शेयर" करने लगता है,
तोह "समझ" जाना की वो आप-पर, "खुद से ज़्यादा" भरोसा करता है!!

jab koee aapase "apanee", har baat "sheyar" karane lagata hai,
toh "samajh" jaana kee vo aap-par, "khud se zyaada" bharosa karata hai!!


"समुंदर की लहरों पर" भरोसा कर बैठे;
"कल वो डुबा कर" हमें किनारा कर बैठे!!

"samundar kee laharon par" bharosa kar baithe;
"kal vo duba kar" hamen kinaara kar baithe!!


हम उस "बेवफा पर भरोसा" कर बैठे हैं;
जो आज तक "हमें अपना समझा" ही नहीं!!

ham us "bevapha par bharosa" kar baithe hain;
jo aaj tak "hamen apana samajha" hee nahin!!


इस दुनिया में भरोसे तोड़ने 
वाले और बेवफा के राज है;
हम पर कौन भरोसा करेगा,
जो आज तक हमने किसी का 
भरोसा टूटने ना दिया!!

is duniya mein bharose todane 
vaale aur bevapha ke raaj hai;
ham par kaun bharosa karega,
jo aaj tak hamane kisee ka 
bharosa tootane na diya!!

Bharosa Shayari

भरोसा एक ऐसी "विश्वास की डोर" है,
जिसके "टूटने पर शीशे" की तरह 
तो कोई आवाज तो नहीं आती,
लेकिन उसकी "गूंज जीवन भर" सुनाई देती है!!

bharosa ek aisee "vishvaas kee dor" hai,
jisake "tootane par sheeshe" kee tarah 
to koee aavaaj to nahin aatee,
lekin usakee "goonj jeevan bhar" sunaee detee hai!!


बड़ी मुश्किल है "'विश्वास"" किसी पर करना
लोग अपना बना कर बड़े प्यार से ""लूटते"" हैं!!

badee mushkil hai "vishvaas"" kisee par karana
log apana bana kar bade pyaar se ""lootate"" hain!!


"इस मतलबी दुनिया में किसी पर भरोसा मत करना;
इश्क और धोखे में अपना जीवन बेकार मत करना"!!

"is matalabee duniya mein kisee par bharosa mat karana;
ishk aur dhokhe mein apana jeevan bekaar mat karana"!!


यह भी पढ़ें



"विश्वास" करता हूं इसे "टूटने" मत देना
जिस दिन मेरा "विश्वास टूटा" उस दिन "तेरी हड्डियां" टूटेगी!!

"vishvaas" karata hoon ise "tootane" mat dena
jis din mera "vishvaas toota" us din "teree haddiyaan" tootegee!!

Bharosa Shayari

कितना ""भरोसा"" करते थे सब हमपे
एक ""तुम्हारे खातिर"" सब के विश्वास तोड़ आए!!

kitana ""bharosa"" karate the sab hamape
ek ""tumhaare khaatir"" sab ke vishvaas tod aae!!


"अब थोरा सा भी किसी पर "भरोसा" नही होता हैं;
और जब भी होता हैं "दर्द बड़ा ही बेहद" होता हैं"!!

"ab thora sa bhee kisee par "bharosa" nahee hota hain;
aur jab bhee hota hain "dard bada hee behad" hota hain"!!


किसी पर "भरोसा सोच समझ" कर करना मेरे दोस्त;
आप तो "भरोसा भी विश्वास तोड़ने" लगे हैं!!

kisee par "bharosa soch samajh" kar karana mere dost;
aap to "bharosa bhee vishvaas todane" lage hain!!


"विश्वास करने वाले से ज्यादा बेवकूफ"
"विश्वास तोड़ने वाला होता है क्योंकि"
"वह अपने छोटे से स्वार्थ के लिए"
"एक प्यारे इंसान को खो देता है"!!

"vishvaas karane vaale se jyaada bevakooph"
"vishvaas todane vaala hota hai kyonki"
"vah apane chhote se svaarth ke lie"
"ek pyaare insaan ko kho deta hai"!!

Bharosa Shayari

लोग ऐसे भी "मुझ पर शक" करते हैं,
तो "भरोसा तोड़ने में" क्या बुराई है!!

log aise bhee "mujh par shak" karate hain,
to "bharosa todane mein" kya buraee hai!!


गलती हुई तो "कबूल" करने में क्या "बुराई",
वरना लोग कभी "तुमपर" "विश्वास" न करेंगे!!

galatee huee to "kabool" karane mein kya "buraee",
varana log kabhee "tumapar" "vishvaas" na karenge!!


किसी पर इतना "विश्वास" रखो, कि कोई उसे "तोड़" ना पाए,
चाहे कोई कितनी भी "कोशिश" कर ले, रिश्तों का कुछ "उखाड़" ना पाए!!

kisee par itana "vishvaas" rakho, ki koee use "tod" na pae,
chaahe koee kitanee bhee "koshish" kar le, rishton ka kuchh "ukhaad" na pae!!


"विश्वास रिश्ते" की वो मजबूत "कड़ी है"
जिसे कभी "टूटने मत देना"!!

"vishvaas rishte" kee vo majaboot "kadee hai"
jise kabhee "tootane mat dena"!!

Bharosa Shayari

*बेशक किसी को "माफ बार-बार करो;
"लेकिन भरोसा सिर्फ एक बार करो*!!

*beshak kisee ko "maaph baar-baar karo;
"lekin bharosa sirph ek baar karo*!!


"वे उस भरोसे के काबिल ही नहीं,
जो हम थे उस पर कर बैठे हैं"

"ve us bharose ke kaabil hee nahin,
jo ham the us par kar baithe hain"


हम जिन पर विश्वास दिलो जान से करते थे,
उसको ही कल मैंने देखा मेरा विश्वास करते हुए!!

ham jin par vishvaas dilo jaan se karate the,
usako hee kal mainne dekha mera vishvaas karate hue!!


"हम बेवकूफ थे जो तुम पर विश्वास कर बैठे"
"सुना है तु अक्सर उसी का दिल तोड़ते हो"
"जो लोग तुम पर सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं"!!

"ham bevakooph the jo tum par vishvaas kar baithe"
"suna hai tu aksar usee ka dil todate ho"
"jo log tum par sabase jyaada vishvaas karate hain"!!

Bharosa Shayari निष्कर्ष

ऐसा क्या है जो लोगों को दूसरे व्यक्ति पर भरोसा करने का फैसला करता है? क्या यह एक व्यक्ति का दिखने का तरीका है, वे कैसे बात करते हैं, एक निश्चित क्षेत्र में उनकी क्षमताएं, या वे खुद को कैसे आगे बढ़ाते हैं? चाहे कुछ भी हो, इंसान दूसरे इंसानों पर भरोसा करता है। हालांकि, जब भरोसा टूट जाता है, तो दर्द जीवन भर रह सकता है। हमें उम्मीद है कि Rishte Bharosa Shayari लेख ने आपको या आपके किसी जानने वाले को मानव स्वभाव पर भरोसा करने के लिए थोड़ा और अंतर्दृष्टि प्राप्त करने में मदद की है। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ साझा करने के लिए नीचे दिए गए शेयर बटन पर क्लिक करना न भूलें!

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