Barish Shayari | Barish Shayari In Hindi | लेटेस्ट बरसात शायरी

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जो लोग गहराई से प्यार करते हैं उनमें अक्सर एक-दूसरे को सिर्फ एक शब्द या नज़र से समझने की अनोखी क्षमता होती है। वे जानते हैं कि दूसरे व्यक्ति को बोलने की आवश्यकता के बिना क्या चाहिए और वे दूसरे व्यक्ति की भावनाओं को समझते हैं। बारिश का मौसम भला किसे पसंद नहीं होता, खासकर बारिश के दिनों को चाहने वालों को ये बेहद पसंद आता है। 

बरसात के मौसम पर कई कवियों ने कई तरह की शायरी लिखी है, जो लोग बरसात के दिन Dosti Barish Shayari के माध्यम से अपने प्रेमी/प्रेमिका या दोस्त को याद दिलाना चाहते हैं या बीते पल को याद दिलाना चाहते हैं, वे लोग विशेष रूप से अपने प्रेमी के लिए Barish Shayari का उपयोग करते हैं। इसी तरह हम आप सभी के बीच Barish Shayari In Hindi लेकर आए हैं, हम उम्मीद करते हैं कि आप लोगों को ये शायरी पसंद आएंगी।

नवीनतम Barish Shayari


बदली "सावन" की कोई जब भी "बरसती" होगी,
दिल ही दिल में वह "मुझे याद तो करती होगी",
ठीक से सो न सकी होगी कभी "ख्यालों" से मेरे,
"करवटें" रात भर "बिस्तर" पे बदलती होगी!!

Badli savan Ki koi jab bhi barsati hogi,
Dil hi Dil mein vah mujhe yad to Karti hogi,
Theek se so Na Saki hogi kabhi khyalon se mere,
Karvaten raat bhar bistar per badalti hogi!!


हैरत से ताकता है "सहरा बारिश" के नज़राने को,
कितनी दूर से आई है ये "रेत से हाथ" मिलाने को!!

Hairat se takta hai Sahara Barish ke najrane ko,
Kitni dur se I hai ye ret se hath milane ko!!


"बारिश की बूंदे आज मेरे" "चेहरे को छू गई"
"लगता है शायद आसमा" "को जमी मिल गई!!

Barish Ki bunde Aaj mere chehre Ko chhu gai,
Lagta hai Shayad Aasman ko jameen mil gai!!


बारिश में भीगता हुआ चेहरा फिर से याद आई है,
ना जाने क्यों फिर बिन मौसम बारिश आई है!!

Barish mein bheegta hua chehra fir se yad aai hai,
Na jaane kyon FIR bin Mausam Barish aai hai!!


"भीगी मौसम की भीगी सी रात"
"भीगी सी याद भुली हुई बात"
"भुला हुआ वक्त वो भीगी सी आँखें"
"वो बीता हुआ साथ"
"मुबारक हो आपको साल की पहली बरसात"!!

Bhigi Mausam Ki bhigi si Raat,
Bheegi si yaad bhhuli Hui baat,
Bhula hua waqt ve bhigi si Aankhen,
Mubarak ho aapko sal ki pahli barsat!!



ना जाने क्यों तुम्हारी यादें ताजी कर गई ये बरसाते
तुम्हारे आने की कोई उम्मीद नहीं है फिर भी ना जाने
क्यों आने की इंतजार ताजी कर गई ये बरसाते!!

N jaane kyon tumhari yaden taji kar gai ye barsate,
Tumhare aane Ki koi ummid nahin fir bhi Na jaane kyon aane Ki intezar taji kar gai ye barsate!!


ना जाने क्यों धरती से इतनी
मोहब्बत है बारिश के बूंदों को,
जो अपनी मोहब्बत से मिलने
चले आते हैं बिन मौसम को!!

N jaane kyon Dharti se itni Mohabbat hai Barish ke bundon ko,
Jo apni Mohabbat se milane chale aate Hain bin Mausam ko!!


कितना अजीब लगता है यह 
मौसम बारिश का तुम्हारे बिना,
कितने खुशी भरे दिन थे मेरे तुम्हारे साथ!!

Kitna Ajeeb lagta hai ya Mausam Barish Ka tumhare Bina,
Kitna hasin lagta tha yah Barish tumhare sath!!


जब भी होगी "पहली बारिश", तुमको सामने पायेंगे,
वो बूंदों से भरा "चेहरा" तुम्हारा हम देख तो पायेंगे!!

Jab bhi hogi pahli Barish, tumko samne payenge,
Vo bundon se Maharaj chehra tumhara ham dekh to payenge!!


"तुम्हें बारिश पसंद है" "मुझे बारिश में तुम"
"तुम्हें हँसना पसंद है" "मुझे हस्ती हुए तुम"
"तुम्हें बोलना पसंद है" "मुझे बोलते हुए तुम"
"तुम्हें सब कुछ पसंद है" "और मुझे बस तुम!!

Tumhen Barish pasand hai, mujhe Barish mein Tum,
Tumhen hansna pasand hai, mujhe hansti Hui tum,
Tumhen bolna pasand hai, mujhe bolati Hui Tum,
Tumhen sab kuchh pasand hai, aur mujhe bus Tum!!


"जुल्फें जो उनकी खुल गई" "लगता है सावन आ गया"
"अब कौन रोकेगा घटाओ को" "घूमने से लगता है"
"बारिश का मौसम आ गया!!

Julfen Jo unki khul gai lagta hai savan aa Gaya,
Aap kaun rokega ghataon ko, ghumne se lagta hai Barish Ka Mausam aa Gaya,


कितने खुशी भरे वे दिन थे बचपन के,
बारिश में झूम कर नाच ना,
Or घर आकर पीट जाना!!

Kitne Khushi bhare ve din the Bachpan ke,
Barish mein jhoom kar naachna,
Aur ghar Aakar pit Jana


"सुबह का मौसम बारिश का साथ है"
"हवा ठंडी जिससे ताजगी का एहसास है"
"बना के रखिए चाय और पकौड़े"
"बस हम आपके घर के थोड़े से पास हैं"!!

Subah Ka Mausam Barish Ka sath hai,
Hawa thandi jisse tajgi ka ehsas hai,
Banakar rakhiye chai aur pakaude,
Bus ham aapke ghar ke thode se pass hai!!



ना जाने हम क्यों उम्मीद लिए बैठे हैं इस बरसात में,
तुम्हारे आने की कोई खबर नहीं है इस बरसात में!!

Na jaane ham kyon ummid liye baithe Hain is barsat mein,
Tumhare aane Ki koi khabar nahin hai is bar sath mein!!


क्या जवाने के लोग कम थे हमें दर्द देने के लिए,
जो बारिश आए हैं फिर उसकी याद दिलाने के लिए!!

Kya jamane ke log kam the hamen Dard dene ke liye,
Jo Barish aaye Hain FIR unki yad dilane ke liye!!


"तेरे प्रेम की बारिश हो" "मैं जलमग्न हो जाऊं"
"तुम घटा बन चली आओ" "मैं बादल बन जाऊं"!!

Tere Prem Ki Barish Ho main jalmagn Ho jaaun,
Tum ghata ban Chali aao main Badal ban jaaun!!


अजब लुत्फ़ का "मंज़र" देखता रहता हूँ बारिश में,
बदन जलता है और मैं "भीगता" रहता हूँ बारिश में!!

Ajab luft ka manjar dekhta rahata hun Barish mein,
Badan jalta hai aur main bikata rahata Hun Barish mein!!


"एक तो ये रात" "उफ़ ये बरसात"
"इक तो साथ नही तेरा" "उफ़ ये दर्द बेहिसाब"
"कितनी अजीब सी है बात
"मेरे ही बस में नही मेरे ये हालात!!

Ek to yah Raat uf ye barsat,
Ek to sath nahin Tera uf ye Dard behisaab,
Kitni Ajeeb si hai baat mere hi Bus mein nahin mere ye halat!!


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"ए बारिश तू इतना न बरस" "की वो आ न सके"
"और उसके आने के बाद" "इतना बरस की वो जा न सके!!

Yah Barish tu itna Na Baras Ki ve Na aa sake,
Aur uske aane ke bad itna Baras Ki ve ja Na sake!!


हम जब भी उदास होते हैं तो बीते हुए कल याद आता है,
बारिश में भीग जाते कहीं तो हमें वो याद आता है!!

Ham jab bhi udaas hote hain to bite hue cal yad aata hai,
Barish mein bheeg jaate kahin to hamen ve yad aata hai!!


"मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे"
"बारिश की बूंद भी अगर उन्हें छू जाती है"
"तो दिल में आग लग जाती है"!!

Mat poochho kitni Mohabbat hai mujhe unse,
Barish Ki Boond bhi agar unhen chhu jaati hai to Dil mein Aag lag jaati hai!!


वे भीगती हुई बारिश में चेहरा याद आई है,
फिर ठेले की पकोड़े और चाय याद आई है!!

Ve bikati Hui Barish mein chehra yad aai hai,
FIR thele ki pakaude aur chai yad aai hai!!


हम मोहब्बत में इतने बदनाम हो चुके हैं,
बारिश में भीग जाए तो लोग हम पर 
इल्जाम लगाने लगते हैं!!

Ham Mohabbat mein itne Badnaam Ho chuke hain,
Barish mein bheeg jaaye to log ham per ilzaam lagane lagte Hain!!


"कुछ नशा तेरी बात का है" "कुछ नशा धीमी बरसात का है"
"हमे तुम यूँही पागल मत समझो"
"यह दिल पर असर पहली मुलाकात का है"!!

Kuchh Nasha Teri baat ka hai kuchh Nasha dhimi barsat ka hai,
Hamen Tum Yun hi pagal mat samjho,
Yah Dil per asar pahli mulakat Ka hai!!


तेरी "गलियों में ना रखेंगे कदम" आज के बाद,
क्योंकि "किचड़ हो गया है बरसात" के बाद!!

Teri galiyon mein Na rakhenge kadam aaj ke bad,
Kyunki kichad ho gaya hai barsat ke bad!!


बरस जाये यहाँ भी कुछ "नूर की बारिशें"
के ईमान के शीशों पे बड़ी "गर्द जमी है"
उस तस्वीर को भी कर दे "ताज़ा"
जिनकी याद हमारे दिल में "धुंधली सी पड़ी" है!!

Baras jaaye yahan bhi kuchh Nur Ki Barishe
Ke iman ke shishe pe badi karda jami hai,
Use tasvir ko bhi kar de taja jinki yad hamare Dil mein dhundhli si Pari hai!!


"पहली बारिश का नशा ही" "कुछ अलग होता है"
"पलको को छूते ही सीधा" "दिल पे असर होता है!!

Pahli Barish Ka Nasha hi kuchh alag hota hai,
Palakon ko chhute hi sidha Dil per asar hota hai!!


मुझे छोड़कर गए हुए बरसों बीत गए,
फिर ना जाने क्यों दिल में 
एक चिंगारी सी जल रही है,
यह बारिश के पानी भी कितने 
अजीब है उनकी याद दिला रही है!!

Mujhe chhod kar gaye hue barson beet Gaye,
Fir Na jaane kyon Dil mein ek chingari si jal rahi hai,
Yah Barish ke Pani bhi kitne Ajeeb hai unki yad dila rahi hai!!


"सुना है बहुत बारिश हुई है तुम्हारे शहर में"
"ज्यादा भीगना मत"
"अगर धूल गई सारी गलतफहमियां"
"तो फिर बहुत याद आएंगे हम"!!

Suna hai bahut Barish Hui hai tumhare Shahar mein,
Jyada bheegana mat,
Agar dhul gai sari galatfehmiyan,
To fir bahut yad aaenge ham!!


हमें देखने के लिए बारिश के मौसम में ना आया करो,
भीग गए तो जुखाम हो जाएगा,
इस मौसम में मिलने को ना आया करो!!

Hamen dekhne ke liye Barish ke Mausam mein Na aaya Karo,
Bheeg Gaye to jukam ho jayega,
Is Mausam mein milane Ko Na aaya Karo!!


हम सब समझते हैं तुम्हारी जज्बातों को
तन्हा करके चल गई तुम हमें,
और हम रोते रहे हैं हर बरसातों को!!

Ham sab samajhte Hain tumhari jajbaton ko tanha karke chal gai Tum hamen,
Aur ham rote Hain har barsaton ko!!


"ये मौसम भी क्या रंग लाया है" "साथ हवा और घटाएं लाया है"
"मिट्टी की खुशबू फैलाये सावन आया है"
"दिल को ठंडक देने बरसात का महीना आया है"!!

Yah Mausam bhi kya rang laya hai sath hawa aur ghataen laya hai,
Mitti ki khushbu failaye savan aaya hai,
Dil Ko Thanda kar dene barsat ka Mahina aaya hai!!


आसमान में "काली घटा" छाई है,
आज फिर "बीबी" ने दो बातें सुनाई हैं,
दिल तो करता है "सुधर" जाऊं मगर,
बाजूवाली आज फिर "भीग" कर आयी है!!

Aasman mein Kali ghata chhai hai,
Aaj phir biwi ne do baten sunai hai,
Dil to Karta hai sudhar jao Magar,
Baju wali Aaj fir bhi kar aai hai!!


पूछते थे ना "कितना प्यार" है तुम्हे हमसे,
लो अब "गिन लो बारिश" की ये बूँदें!!

Puchte the na Kitna Pyar hai tumhen humse,
Lo ab gin Lo Barish Ki ye bunde


"मौसम हे बारिश का" "और याद तुम्हारी आती हे"
"बारिश के हर कतरे से सिर्फ" "तुम्हारी आवाज़ आती हे!!

Mausam hai Barish Ka aur yaad tumhari aati hai,
Barish ke har katre se sirf tumhari awaaz aati hai!!


मुझे इंतजार ना करा इस बारिश के मौसम में,
अगर मैं भीग गया तो नजर नहीं आऊंगा कल परसों में!!

Mujhe intezar na kara is Barish ke Mausam mein,
Agar main bhig gaya to najar nahin aaunga cal parson mein!!


"बरसात की भीगी रातों में"
"फिर से कोई सुहानी याद आई है"
"कुछ अपना जमाना याद आया है"
"कुछ उनकी जवानी याद आई है"!!

Barsaat Ki bhigi raaton mein,
Fir se koi Suhani yad aai hai,
Kuchh apna jamana yad aaya hai,
Kuchh unki javani yad aai hai!!


ए बारिश जरा थम के बरस,
उसको आने में अभी थोड़ी देरी है,
आने के बाद उसके जम के बरस!!

Ye Barish Zara tham ke Baras,
Usko aane mein abhi thodi deri hai,
Aane ke bad uske jam ke Baras!!


हमें तुम बारिश में भीगते हुए अच्छे लगते हो
Or तुम्हें बारिश में चाय अच्छे लगते हैं
फिर कभी आओ बरसात के मौसम में मिलने को
हमारी ख्वाहिश भी पूरी होगी और तुम्हारी भी पूरी होगी!

Hamen Tum Barish mein bhigte hue acche lagte Ho,
Or Tumhen Barish mein chai acche lagte Hain,
FIR kabhi aao Barsaat ke Mausam mein milane ko,
Hamari khwahish bhi Puri hogi aur tumhari bhi Puri hogi!!


"ये इश्क़ का मौसम अजीब है जनाब"
"इस बारिश में कई रिश्ते धुल जाते है"
"बेगानों से करते है मोहब्बत कुछ लोग"
"और अपनों के ही आंसू भूल जाते है"!!

ye iska Mausam Ajeeb hai janab,
Is Barish mein Kai rishte dhul jaate Hain,
Begano se karte Hain Mohabbat kuchh log,
Aur apnon ke hi aansu bhul jaate Hain!!

Barish Shayari निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि आपको Barish Sad Shayari अच्छी लगी होगी। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जब आप हमारे वेबसाइट पर आए तो खुशी महसूस करें। हमारी टीम निरंतर सर्वोत्तम शायरी प्रदान कर रहे हैं। ऐसा करने के लिए, हम उन पलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे, जिन्हें आप हर बार बारिश होने पर अपने साथी के साथ बिता सकते हैं। Shayari On Barish को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ साझा करना सुनिश्चित करें जिसे आप प्यार करते हैं जो दूर है और उन पलों को याद करें जिन्हें आप घर के करीब महसूस करते हैं। यदि आप और अधिक शायरी पढ़ना चाहते हैं तो, हमारी वेबसाइट के होम पेज पर जाएं!

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