Waqt Shayari | बुरे वक्त में साथ छोड़ने वालों के लिए वक्त शायरी

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हम सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जहां हमें समय के महत्व का एहसास हो जाता है। हम सभी को अपने समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हममें से कुछ लोगों ने कुछ ऐसा भी किया है जिसके लिए हमारे पास जो समय है उसका सदुपयोग न करने के लिए हमें खेद है। अच्छे वक्त में दोस्त आपका साथ देते हैं, आपका बुरा वक्त शुरू होते ही सारे रिश्ते-नाते आपसे मुंह मोड़ लेते हैं। ऐसे ही एक रिश्ते के लिए हम आप लोगों के लिए Waqt Shayari लेकर आए हैं। जिसे आप उन लोगों तक भी पहुंचा सकते हैं जो बुरे वक्त में आपका साथ छोड़ देते हैं।


बुरे वक्त में साथ छोड़ने वालों के लिए Waqt Shayari


Waqt Shayari

मतलबी रिश्तो की बस इतनी सी कहानी है,
अच्छे वक़्त में मेरी खूबियां,
और बुरे वक़्त में मेरी कमियां गिननी है!!

matalbi rishto ki bas etni si kahaani hai,
achchhe vkt men meri khubiyaan,
aur bure vkt men meri kamiyaan ginni hai!!


है मश्क़-ए-सुख़न जारी चक्की की मशक़्क़त भी,
इक तुर्फ़ा तमाशा है 'हसरत' की तबीअत भी!!

hai mashk-aye-sukhan jaari chakki ki mashakkat bhi,
ek turphaa tamaashaa hai 'hasarat' ki tabiat bhi!!


मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुए, 
समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे है चढ़े हुऐ!!

mukhaute bachapan men dekhe the mele men tange hua, 
samajh badhi to dekhaa logon pe hai chadhe huai!!


शायद यह वक़्त हम से कोई चाल चल गया,
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढ़ल गया,
अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही,
चलो उसी मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी!!

shaayad yah vkt ham se koi chaal chal gayaa,
rishtaa vfaa kaa aur hi rangon men dhl gayaa,
ashkon ki chaandni se thi behatar vo dhup hi,
chalo usi mod se shuru karen phir se jindgi!!


अच्छा इंसान मतलबी नहीं होता,
बस दूर हो जाता है उन लोगो से, 
जिन्हे उसकी क़दर नहीं होती!!

achchhaa ensaan matalbi nahin hotaa,
bas dur ho jaataa hai un logo se, 
jinhe uski kdar nahin hoti!!


हुए नामवर बे-निशाँ कैसे कैसे,
ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे कैसे!!
hua naamavar be-nishaan kaise kaise,
jmin khaa gayi aasmaan kaise kaise!!


कुछ यूँ हुआ कि जब भी जरुरत पड़ी मुझे, 
हर शख्स इतेफाक से.मजबूर हो गया!!
kuchh yun huaa ki jab bhi jarurat pdi mujhe, 
har shakhs etephaak se.majbur ho gayaa!!


कितना चालक है मेरा यार भी,
उसने तोहफे मे घडी तो दी है,
मगर कभी वक़्त नहीं दिया!!

kitnaa chaalak hai meraa yaar bhi,
usne tohphe me ghadi to di hai,
magar kabhi vkt nahin diyaa!!


इस मतलबी दुनिया में दोस्ती सिर्फ इक दिखावा है,
तुझे भी धोखा मिलेगा, ये मेरा दावा है!!

es matalbi duniyaa men dosti sirph ek dikhaavaa hai,
tujhe bhi dhokhaa milegaa, ye meraa daavaa hai!!


हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी,
जिस को भी देखना हो कई बार देखना!!

har aadmi men hote hain das bis aadmi,
jis ko bhi dekhnaa ho kayi baar dekhnaa!!


इंसान की अच्छाई पर सब खामोश रहते हैं,
चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो, 
तो गूॅगे भी बोल पङते हैं!!

ensaan ki achchhaai par sab khaamosh rahte hain,
charchaa agar uski buraai par ho, 
to guॅge bhi bol pangte hain!!


बुरा हो वक्त तो सब आजमाने लगते हैं,
बड़ो को छोटे भी आँखे दिखाने लगते हैं,
नये अमीरों के घर भूल कर भी मत जाना,
हर एक चीज की कीमत बताने लगते हैं!!

buraa ho vakt to sab aajmaane lagte hain,
bdo ko chhote bhi aankhe dikhaane lagte hain,
naye amiron ke ghar bhul kar bhi mat jaanaa,
har ek chij ki kimat bataane lagte hain!!


अच्छे दोस्त कभी मतलबी नहीं होता हैं,
मतलबी लोग कभी अच्छे दोस्त नहीं होते हैं!!

achchhe dost kabhi matalbi nahin hotaa hain,
matalbi log kabhi achchhe dost nahin hote hain!!


हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे,
अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ!!

hamen bhi nind aa jaaagi ham bhi so hi jaaange,
abhi kuchh be-kraari hai sitaaro tum to so jaao!!


ढूॅढना ही है तो परवाह करने वालों को ढॅूढ़ीये साहेब, 
इस्तेमाल करने वाले तो खुद ही आपको ढॅूढ़ लेंगे!!

dhudhnaa hi hai to parvaah karne vaalon ko dhudhiye saaheb, 
estemaal karne vaale to khud hi aapko dhudh lenge!!


ज़िन्दगी की जरूरतें समझिए वक्त 
कम है फरमाइश लम्बी हैं,
झूठ-सच, जीत-हार की बातें 
छोड़िये दास्तान बहुत लम्बी है!!

jindgi ki jarurten samajhia vakt 
kam hai pharmaaesh lambi hain,
jhuth-sach, jit-haar ki baaten 
chhodiye daastaan bahut lambi hai!!


मतलबी दुनिया के लोग खड़े है हाथों में पत्थर लेकर,
मैं कहाँ तक भागूँ शीशे का मुकद्दर लेकर!!

matalbi duniyaa ke log khde hai haathon men patthar lekar,
main kahaan tak bhaagun shishe kaa mukaddar lekar!!


हम हुए तुम हुए कि 'मीर' हुए,
उस की ज़ुल्फ़ों के सब असीर हुए!!

ham hua tum hua ki 'mir' hua,
us ki julphon ke sab asir hua!!


मुझको क्या हक, मैं किसी को मतलबी कहूँ,
मैं खुद ही ख़ुदा को, मुसीबत में याद करता हूँ!!

mujhko kyaa hak, main kisi ko matalbi kahun,
main khud hi khudaa ko, musibat men yaad kartaa hun!!


खूब करता है, वो मेरे ज़ख्म का इलाज,
कुरेद कर देख लेता है और कहता है वक्त लगेगा!!

khub kartaa hai, vo mere jakhm kaa elaaj,
kured kar dekh letaa hai aur kahtaa hai vakt lagegaa!!


बुरे वक्त की सबसे अच्छी बात यह है कि,
जब ये आता है तब मतलबी दोस्त दूर हो जाते है!!

bure vakt ki sabse achchhi baat yah hai ki,
jab ye aataa hai tab matalbi dost dur ho jaate hai!!


हम ने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन,
ख़ाक हो जाएँगे हम तुम को ख़बर होते तक!!

ham ne maanaa ki tagaaphul n karoge lekin,
khaak ho jaaange ham tum ko khabar hote tak!!


आज गुमनाम हूँ तो ज़रा फासला रख मुझसे,
कल फिर मशहूर हो जाऊँ तो कोई रिश्ता निकाल लेना!!

aaj gumnaam hun to jraa phaaslaa rakh mujhse,
kal phir mashhur ho jaaun to koi rishtaa nikaal lenaa!!


वक़्त-वक़्त का खेल है जो कल तक
आप-आप करते थे आज तू-तू करते हैं!!

vkt-vkt kaa khel hai jo kal tak
aap-aap karte the aaj tu-tu karte hain!!


दोस्त बनकर जो धोखा दे,
उससे बड़ा कोई दुश्मन नहीं हो सकता!!

dost banakar jo dhokhaa de,
usse bdaa koi dushman nahin ho saktaa!!


हम ग़म-ज़दा हैं लाएँ कहाँ से ख़ुशी के गीत,
देंगे वही जो पाएँगे इस ज़िंदगी से हम!!

ham gam-jdaa hain laaan kahaan se khushi ke git,
denge vahi jo paaange es jindgi se ham!!


देख के दुनिया अब हम भी बदलेंगे मिजाज़, 
रिश्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं!!

dekh ke duniyaa ab ham bhi badlenge mijaaj, 
rishtaa sab se hogaa lekin vaastaa kisi se nahin!!


समय की परीक्षा कठिन जरूर होती है,
लेकिन परिणाम आपके हाथों में होता है!!

samay ki parikshaa kathin jarur hoti hai,
lekin parinaam aapke haathon men hotaa hai!!


जिन्दगी जीने का कुछ ऐसा अंदाज रखों,
मतलबी दोस्तों को नजरअंदाज रखों!!

jindgi jine kaa kuchh aisaa andaaj rakhon,
matalbi doston ko najarandaaj rakhon!!


हम को किस के ग़म ने मारा ये कहानी फिर सही,
किस ने तोड़ा दिल हमारा ये कहानी फिर सही!!

ham ko kis ke gam ne maaraa ye kahaani phir sahi,
kis ne todaa dil hamaaraa ye kahaani phir sahi!!


मेरी तारीफ करे या मुझे बदनाम करे,
जिसने जो बात करनी है सर-ए-आम करे!!

meri taariph kare yaa mujhe badnaam kare,
jisne jo baat karni hai sar-aye-aam kare!!


वक़्त जैसे ही बुरा आया पता लग गया,
कौन अच्छा था और कौन बुरा था!!

vkt jaise hi buraa aayaa pataa lag gayaa,
kaun achchhaa thaa aur kaun buraa thaa!!


कैसे भरोसा करू गैरों के प्यार पर,
यहाँ अपने ही मजा लेते हैं अपनों की हार पर!!

kaise bharosaa karu gairon ke pyaar par,
yahaan apne hi majaa lete hain apnon ki haar par!!


हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है,
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा!!

hajaaron saal nargis apni be-nuri pe roti hai,
badi mushkil se hotaa hai chaman men didaa-var paidaa!!


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न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की,
अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की!!

n jaane kaisi najar lagi hai jmaane ki,
ab vajah nahin milti muskuraane ki!!


वक़्त सभी को मिलता है ज़िन्दगी बदलने
के लिए, पर ज़िन्दगी दोबारा नहीं मिलती
वक़्त बदलने के लिए!!

vkt sabhi ko miltaa hai jindgi badalne
ke lia, par jindgi dobaaraa nahin milti
vkt badalne ke lia!!


जब दोस्त धोखा देते हैं,
तो ज्ञानरुपी आँखे खुल जाती है!!

jab dost dhokhaa dete hain,
to jyaanarupi aankhe khul jaati hai!!


हज़रत-ए-दाग़ जहाँ बैठ गए बैठ गए,
और होंगे तिरी महफ़िल से उभरने वाले!!

hajarat-aye-daag jahaan baith gaye baith gaye,
aur honge tiri mahaphil se ubharne vaale!!


मसला यह भी है इस ज़ालिम दुनिया का,
कोई अगर अच्छा भी है तो वो अच्छा क्यो है!!

maslaa yah bhi hai es jaalim duniyaa kaa,
koi agar achchhaa bhi hai to vo achchhaa kyo hai!!


अगर जिंदगी में बुरा वक़्त ना आये,
तो हम अपनों में पराये और परायों
में अपने कभी नहीं ढूंढ पाएंगे!!

agar jindgi men buraa vkt naa aaye,
to ham apnon men paraaye aur paraayon
men apne kabhi nahin dhundh paaange!!


Waqt Shayari निष्कर्ष


"Waqt Shayari" पर हमारी पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद। बुरे वक्त में आपका साथ छोड़ने वालों के लिए ये शायरी है। मनुष्य हमेशा वैसा नहीं होता जैसा वह दिखता है। हमें उम्मीद है कि आपको पढ़ने में मज़ा आया और यह उपयोगी लगा होगा।

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